3 सर्वश्रेष्ठ हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ - जो आपकी जिंदगी बदल देगी! Hindi short stories with moral

  

3 सर्वश्रेष्ठ हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ - जो आपकी जिंदगी बदल देगी!   (3 best hindi motivational short stories with moral)
3 best hindi motivational short stories with moral

3 सर्वश्रेष्ठ हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ - जो आपकी जिंदगी बदल देगी! 

 (3 best hindi motivational short stories with moral) 



Hindi Short Story 1:  

ज्ञान की 4 बातें


एक बार की बात है। एक राजा साहब के पास एक बहुत बड़ा सुंदर और विशालकाय महल था। उस विशालकाय महल में एक सुंदर सा बगीचा था और सुंदर बगीचे में अंगूर का एक पेड़ था। पेड़ पौधों की देखभाल के लिए एक माली भी बगीचे में रहता था।


माली इस बात से बहुत परेशान था की अंगूर के पेड़ पर रोजाना एक चिड़िया आती थी और अंगूरों पर इस तरह से आक्रमण करती थी कि जो मीठे-मीठे अंगूर थे, उसे तो वह खा लेती थी। लेकिन जो आधे पके और खट्टे अंगूर थे उसे वह जमीन पर गिरा देती थी।


माली को यह चिंता होने लगी कि अंगूर के पेड़ को यह चिड़िया एक दिन तबाह और बर्बाद कर देगी। उसने अंगूरों को उस चिड़िया से बचाने के लिए बहुत प्रयास कि लेकिन कोई उपाय न सूझा।  माली आखिरकार राजा के पास पहुंचा और उसने पूरी घटना बताई।


राजा ने कहा - "माली साहब, आप टेंशन ना लें, आपका काम मैं खुद करूँगा"।


राजा साहब बगीचे में पहुंचे और अंगूर के पेड़ के पीछे छुप गए। जैसे ही चिड़िया आई, राजा ने फुर्ती दिखाते हुए चिड़िया को पकड़ लिया। जैसे ही राजा ने चिड़िया को पकड़ा, चिड़िया ने राजा से कहा -


" हे राजन मुझे माफ कर दो। मुझे मत मारो, मैं आपको ज्ञान की 4 बातें बताऊंगा"।


राजा बहुत गुस्से में थे, बोले- पहली बात बता।

चिड़िया ने कहा - "अपने हाथ में आए शत्रु को कभी जाने ना दे"।

राजा ने कहा - दूसरी बात बता ।

चिड़िया ने कहा - "कभी भी असंभव बात पर यकीन न करें" ।

राजा ने कहा - बहुत हो गया चल तीसरी बात बता।

चिड़िया ने कहा - "बीती बातों पर पश्चाताप ना करें"।

राजा ने कहा - अब चौथी बात बता खेल खत्म करता हूं। बहुत देर से परेशान कर रहा है।


चिड़िया ने कहा - राजा साहब आप मुझे जिस तरीके से पकड़े हुए हैं, मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। अगर आप थोड़ा सा छोड़ देंगे तो शायद मैं चौथी बात बता पाउ। राजा ने हल्की सी ढील दी और चिड़िया उड़ कर डाल पर बैठ गई।


चिड़िया ने कहा - राजा साहब मेरे पेट में 2 हिरे है।


अब राजा पश्चाताप करने लगे, उदास हो गए। राजा की शक्ल देखकर चिड़िया ने कहा राजा साहब अभी मैंने आपको 4 ज्ञान की बातें बताई थी। अपने शत्रु को कभी हाथ में आने के बाद छोड़े ना। आप ने हाथ में आए शत्रु को छोड़ दिया।


दूसरी बात बताई थी - असंभव बात पर यकीन ना करें। आपने यकीन कर लिया की मेरे छोटे से पेट में दो हीरे हैं।


तीसरी बात बताई थी कि बीती हुई बात पर पश्चाताप ना करें आप उदास हैं, पश्चाताप कर रहे हैं जबकि मेरे पेट में हीरे है ही नहीं । जो चीज है ही नहीं उसको लेकर आप उदास हैं।



Moral of hindi short story 1 :



उस चिड़िया ने चार बातें सिर्फ राजा को ही नहीं बल्कि हम सब को भी बताइ। हम सब भी बीते हुए बातों पर कई बार पश्चाताप करने लगते हैं! Past में रहते हैं और future की सोचते भी नहीं है।Present मे रहना शुरू कीजिए। जिंदगी में जो कुछ हो चुका है उस पर आपका कंट्रोल नहीं है लेकिन जो होगा उसे आप बदल सकते हैं!
 



Hindi Short Story 2 : 

कुछ तो कर यूं ही मत मर


एक बार एक राज्य में बड़ी खुशहाली थी। जनता बड़ी खुश थी क्योंकि राजा बड़ा दयालु था और हर किसी की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहता था। युद्ध में आये शत्रुओं को हमेशा हरा देता था।

पड़ोसी राज्य के राजा इनकी खुशहाली से जलते थे। वह इस राज्य पर आक्रमण करना चाहते थे। लेकिन यह राजा बार-बार उन्हें युद्ध में हरा देता था। उनकी दाल गल नहीं पा रही थी। 

एक बार पड़ोसी राज्य के राजाओं ने इस राजा को अगवा करके अपने राज्य में लाकर मार देने की योजना बनाई।

तैयारियाँ शुरु हुई। इस राजा के कुछ पहरा दारो से साठगांठ की गई। कई बार घर में ही दुश्मन पल रहे होते हैं। पहरा दारो ने एक रात राजा के रात के खाने में बेहोश करने की दवा मिला दी। 

राजा को बेहोश किया गया और अगवा करके दूसरे राज्य के जंगल में ले जाया गया। जंगल में पहाड़ी पर एक गुफा के पास राजा को पटक दिया गया।

सारे पड़ोसी राज्य के राजा इकट्ठा हो कर विचार करने लगे की क्या किया जाए। सब इस निष्कर्ष पर पहुंचे की इसने हमको कई बार युद्ध मे हराया है। इसको इस गुफा में डाल कर दरवाजे को एक पत्थर से बंद कर दिया जाए। यह स्वंय ही घुट-घुट कर मर जाएगा ।

आदेशानुसार सैनिकों ने राजा को गुफा में रख कर दरवाजे को एक बड़े पत्थर से बंद कर दिया। पड़ोसी राजा इस बात से खुश थे की राजा गुफा मे मर जाएगा और इसी खुशी में अपने अपने राज्य में वापस चले गए।

गुफा मे राजा को जब होश आया तो सुबह हो चुकी थी। अंदर धूप की कुछ किरने आ रही थी। आंख खुली तो अपने आप को एक गुफा में बंद पाया। बाहर दरवाजे पर एक पत्थर रखा हुआ था। 

राजा को बाहर निकलने का कोई उपाय सूझ नही रहा था। राजा को लगा कि इसका सब कुछ खत्म हो चुका है। इसकी जनता इससे छीन चुकी है. यह कहां पर है इसे खुद मालूम नहीं था।

अब राजा का हौसला टूटने लगा था। राजा उदास होकर बैठा था तभी अचानक इसकी मां का बचपन मे दिया हुआ मंत्र याद आया “कुछ तो कर यूं ही मत मर”

जैसे ही राजा को अपनी की दी हुई मंत्र याद आई - राजा उठ खड़ा हुआ और हिम्मत करके उस पत्थर के पास जा ही रहा था कि उसे एक सांप ने डस लिया।

राजा एक बार फिर से नीचे गिर गया। फिर से हौसला टुटने लगा। लेकिन माँ का दिया हुआ मंत्र “कुछ तो कर यूं ही मत मर” ने उसका हौसला फिर सी बढ़ाया और इस बार उसने अपनी कमर से कटार निकाली और पैर के उस हिस्से को काट करके फेंक दिया जहां सांप ने डसा हुआ था। 

एक मुसीबत खत्म हुई की दूसरी मुसीबत आ गई। वहां से खून बहने लगा। राजा को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तभी मंत्र याद आया "कुछ तो कर यूं ही मत मर"। राजा की कमर में कपड़ा बंधा हुआ था कपड़े को पैर के उस हिस्से में बांध लिया जहां से खून निकल रहा था।

एक बार फिर से राजा उठ खड़ा हुआ। वह बात याद आई जो मां ने कही थी “कुछ तो कर यूं ही मत मर”। राजा हिम्मत करके उस पत्थर के पास गया और सारा जोर लगा कर पत्थर को धक्का दिया।

पहाड़ी पर गुफा थी। पत्थर थोड़ा सा खिसका और लुढ़क कर पहाड़ से नीचे गिर गया। कुल मिलाकर  दरवाजा खुल गया और राजा अपने राज्य वापस आ गया।


Moral of hindi short story 2

“ कुछ तो कर यूं ही मत मर ” बस इस एक मंत्र ने एक राजा को मौत के मुह से निकाल कर दोबारा गद्दी पर बैठाया। छोटी सी कहानी जिंदगी में बहुत बड़ी बात सिखाती है - जिंदगी में अगर आपको Motivation चाहिए तो Self Motivation लाइए। कोई और आप को Motivate नहीं कर सकता आप खुद अपने आप को Motivate कर सकते हैं।



Hindi Short Story 3 : 

बुढ़ी अम्मा


एक समय की बात है राजू नाम का एक लड़का अपने शहर से दूर किसी दूसरे शहर में नौकरी करता था। लेकिन वह जब भी अपने होमटाउन आता था तो वह अपने दोस्तों से मिलना नहीं भूलता था। दोस्तों की रीयूनियन होती थी और रीयूनियन के लिए सभी दोस्त जिस जगह मिलते थे वह था- शहर का famous लस्सी वाला।


गर्मियों की छुट्टी मे राजू अपने घर आया हुआ था। उसने अपने दोस्तों को फोन कॉल किया और लस्सी वाले के दुकान पर आने के लिए बोला। राजू और उसके दोस्त लस्सी वाले के दुकान पर पहुँच गये। लस्सी के लिए ऑर्डर किया।


गर्मियो के दिन थे, ऊपर कनात लगी हुई थी। सभी बैठ कर लस्सी की प्रतीक्षा कर रहे थे। हंसी मज़ाक चल रही थी। तभी एक बूढ़ी अम्मा राजू के सामने आकर खड़ी हो गई। 75 से 80 साल उनकी उम्र रही होगी। हाथ मे लाठी थी, आँखे  धसी हुई थी, जुबान लडखडा रही थी, कमर झुकी हुई थी, चेहरे पर भूख दिख रही थी। उस बूढ़ी मां ने बस इतनी सी बोली - बेटा उपर वाले के नाम पर कुछ दे दे। राजू के सामने उसने हाथ फैला दी। राजू से रहा नही गया । वैसे राजू भिखारियों को भीख नहीं देता था। लेकिन पता नहीं उस दिन क्या हुआ। अपने आप उसका हाथ वैलेट की तरफ चला गया और सिक्के ढूंढने लगा।


अचानक राजु के पास दूसरा आइडिया आया। उसने अपना वैलेट अपने जेब में रख लिया। आप सोच रहे होंगे कि शायद उसने पैसा नहीं दिया।


लेकिन उसने कहा - दादी जी क्या आप लस्सी पिएंगे।जैसे ही उसने दादी जी कहा। उस बुढी अम्मा के चेहरे पर एक छोटी सी मुस्कान आ गई। राजु के दोस्त पीछे से देखने लगे कि यार यह क्या कर रहा है। मतलब 5, 7 रुपये  देकर बात खत्म हो जाएगी , 30 रुपये की लस्सी पिला रहा है। दोस्तों को ऐसा लग रहा था कि शायद राजु गरीब हो जाएगा। वह बुढी अम्मा ठग कर करके चली जाएगी।


राजु ने फिर से पूछा कि दादी जी क्या आप लस्सी पिएँगी। दादी जी ना नुकुर करते हुए धीरे से हां भर दी, और उनकी हां को देखकर राजु को लगा कि यह बहुत दिनों से भूखी है। उसने ने जोर से आवाज लगाई कि भैया एक लस्सी और लाना।


दादी जी दूर जाकर के खड़ी हो गई। फिर से वापस लड़के के पास आई और अपनी पोटली से कुछ सिक्के और पैसे निकाली और बोली - यह 5, 7 रुपया मेरे पास हैं जो आप पेमेंट करोगे उसमें यह पैसा मिला लेना।


लड़के के चेहरे पर सारे भाव उड़ गए, उसकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने पैसे देने की बात कर दी। लड़के ने कहा - माताजी, माफ कीजिए, आप जाकर के बैठिए, अभी लस्सी आ रही है।


लस्सी वाला लड़का आकर सबको ग्लास दे दी। उनको भी ग्लास दे दिया। अब वह अम्मा दूर जाकर के नीचे जमीन पर बैठ गई। सभी दोस्त कुर्सियों पर बैठे हुए थे। अब वह कुर्सी लड़के को काटने लगी कि मैं यहां बैठा हूं, वह नीचे बैठी हुई है।


लड़के को मन ही मन ऐसा कर रहा था कि उनको बुलाऊँ। अपने पास बगल के कुर्सी पर बैठा दुँ। लेकिन फिर लग रहा था कि लोग सोचेंगे अजीब आदमी हैं, भीख मांगने वाली महिला को यहां बिठा रहा है।


अचानक  राजु को दूसरा ख्याल आया। वह अपनी कुर्सी से उठा और उनके पास जाकर के नीचे जमीन पर बैठ गया। दोस्त देख रहे थे कि क्या हरकत कर रहा है? तभी वह लस्सी वाला ने दूर से आवाज लगाई- भैया इधर आइए , दो कुर्सी आपके लिए भिजवा रहा हूं। नौकर दो कुर्सी लेकर आया। दादी जी और उस लड़के को बिठाया।


उसके बाद में वह लस्सी वाला बोला- सर जी धन्यवाद मत कहिए गा। क्योंकि मेरे दुकान में तो ग्राहक हमेशा आते है, लेकिन इंसान कभी-कभार आते है। आज आपने यहां आ करके और यह सब करके मेरी आंखें खोल दी, मुझे बहुत बड़ी बात सिखा दी। अब से मै कोशिश करूंगा कि मेरी दुकान के आसपास अगर कोई ऐसा दिखे तो मैं उसे फ्री में लस्सी पिलाउंगा।



Moral Of Hindi Short Story 3



यह छोटी सी कहानी हमें बहुत बड़ी बात सिखाती है - मदद करते चलिए मुस्कान बांटते चलिए। अगर आपको ऊपर वाले ने इस काबिल बनाया है की आप किसी की मदद कर सके, तो मदद करने से पीछे मत हटिये। कई लोग कहते हैं कि भिखारियों को भीख नहीं देनी चाहिए। आप पैसा मत दीजिए लेकिन अगर कोई गरीब आदमी दिख रहा है तो उसे राजु की तरह भोजन जरूर कराइए।



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3 Comments

  1. दिल को छू लेने वाली कहानी।

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  2. http://www.mjtricks.com/these-smartphones-have-wifi-calling-feature-make-free-network-calls/

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